मोहब्बत का इरादा अब बदल जाना भी मुश्किल है ....
तुझे खोना भी मुश्किल है ... तुझे पाना भी मुश्किल है ॥
ज़रा सी बात पर आँखें यूँ भीग जाती हैं...
तुझे अब अपने दिल का हाल बताना भी मुश्किल है ॥
उदासी तेरे चेहरे पर गवारा नहीं है लेकिन...
तेरी खातिर सितारे तोड़ के लाना भी मुश्किल है ॥
यहाँ लोगों ने खुद पर परदे इतने डाल रखे हैं...
किसके दिल में क्या है...नज़र आना भी मुश्किल है ॥
तुझे ज़िन्दगी भर याद रखने की कसम तो नहीं ली...
पर इक पल के लिए तुझे भूल पाना भी मुश्किल है ॥
SaaMnaa
Tuesday, October 18, 2011
Tuesday, April 13, 2010
वाह !!!!
दो आँखों का एक तारा ,खुशियाँ लाता है ले जाता है ..
बड़ा होकर मुझको वो नए से पाठ पढाता है ...
बेवफाई नहीं है बादल की तो फिर क्या है ...
सूखा छोड़ के ना जाने कहाँ पानी गिरता है ..
बड़ा होकर मुझको वो नए से पाठ पढाता है ...
बेवफाई नहीं है बादल की तो फिर क्या है ...
सूखा छोड़ के ना जाने कहाँ पानी गिरता है ..
Thursday, November 26, 2009
बचपना !!!!
एक साया रोज़ मेरे सपनो में आता है, मुझे ना कुछ कहता है ना पहचान में आता है
ख़ुद ही हँसता है ,ख़ुद ही रूठ जाता है हर दूजे पल में उसका नक्श बदल जाता है
ढून्ढ रहा है शायद कुछ ,आँखें यूँ मटकाता है
हर जगह वो मुझको अपना ,हाथ पकड़ ले जाता है
पूछा मैंने कौन हो तुम धीरे से पास बुलाता है
कानो में मेरे वो अपना नाम बचपन बतलाता है
ख़ुद ही हँसता है ,ख़ुद ही रूठ जाता है हर दूजे पल में उसका नक्श बदल जाता है
ढून्ढ रहा है शायद कुछ ,आँखें यूँ मटकाता है
हर जगह वो मुझको अपना ,हाथ पकड़ ले जाता है
पूछा मैंने कौन हो तुम धीरे से पास बुलाता है
कानो में मेरे वो अपना नाम बचपन बतलाता है
Tuesday, August 4, 2009
Wish
तरक्की पे था ज़माना,
सभी तो हंस रहे थे .. ..
ऊंची इमारतों से शहर भरा पड़ा था ....
सड़क पे एक बच्चा रोये जा रहा था ....
मैंने पूछा क्या हुआ ,क्यों रो रहे हो ....
ऊँगली उठा के बोला .. "सूरज नहीं दिख रहा है ".....
सभी तो हंस रहे थे .. ..
ऊंची इमारतों से शहर भरा पड़ा था ....
सड़क पे एक बच्चा रोये जा रहा था ....
मैंने पूछा क्या हुआ ,क्यों रो रहे हो ....
ऊँगली उठा के बोला .. "सूरज नहीं दिख रहा है ".....
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